Skip to main content

UrbanNaxal शहरी नक्सल

शहरी नक्सल


किसान मजदुरों, पीड़ितों के अधिकार की मांग से उपजी और लेनिन, स्टालिन, माओ जैसे खुनी कम्युनिस्ट नेताओं से पोषित वामपंथ बीहड़ जंगलों और शहरों दोनों में फैला हुआ है |
जंगलों में रहकर सेना और सरकार से सीधे खुनी लड़ाई लड़ रहे नकसलियों को तो हम जानते हैं पर उनके पीछे बैठे उन असली षड्यंत्रकर्रियों के बारे में शायद ही जानते हैं जिनके कारण ये लोग इतने सालों से अस्तित्व में हैं |
ये एक हिंसक बिजनेस है जिसमें कमजोर तबका लड़ता है और मजबूत तबका इनके माध्यम से बैठे बैठे करोड़ों कमाता है और देश के विरुद्ध गतिविद्यों को बढ़ाता है |
No automatic alt text available.
किसान, मजदुर, छात्र यूनियन, शिक्षण संस्था, साहित्य, मिडिया और बॉलीवुड में बैठे इनके कार्यकर्ता दिखने में सीधे साधे, सामान्य लोगों की तरह, झोला पकड़े हुए और सूती के कपडे पहनकर लोगों के बीच रहने वाले ये लोग वास्तव में भारत के अन्दर बैठे वो दीमक हैं जो धीरे धीरे भारत को खोखला करने में लगे हुए हैं |
किसी भी विकास कार्य का विरोध करना,
जातीय विद्वेष फैलाना,
Image may contain: 5 peopleहिन्दू संस्कृति को बदनाम करना,
विदेशी एजेंडों को भारत में कार्यरत करना,
पिछड़े क्षेत्रों में धर्मान्तरण करवाना,
ब्राह्मणों के खिलाफ दलितों को भड़काना,
हिन्दू त्योहारों और मान्यताओं का अपमान करना,
Image may contain: 10 people, people smiling, textहिन्दू धर्म से जुड़े प्रतीकों का अपमान करना,
भारत के इतिहास को झूठा साबित करना,
मुगलों का महिमामंडन करना,
हर हिन्दू विरोधी मानसकिता और विचार का समर्थन करना,
दक्षिण भारतियों को उत्तर भारतियों के खिलाफ भड़काना,
Image may contain: 1 person, outdoorआदिवासियों को अन्य जातियों के खिलाफ भड़काना,
लोगों को सरकार और व्यवस्था के खिलाफ भड़काना हो,
रंग, जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर लोगों को अलग करने को उकसाना,
भारत के अलग अलग राज्यों को भारत से अलग करने की मांग करना,
इस्लामिक -क्रिश्चन संगठनों के साथ खड़े होकर हिन्दुओं का विरोध करना,
आतंकवादियों, उग्रवादियों और नक्सलियों को समर्थन देना,
नक्सलवादियों के लिए फंड इकठ्ठा करना,
साहित्य, शिक्षा, मनोरंजन के जरिये भारतीय संस्कृति और इतिहास को बदलकर प्रस्तुत करना सच छुपाकर झूठा इतिहास बनाना |
विदेशों में भारत की छवि ख़राब करना,
न्यायलय में उनके लिए केस लड़ना,
उनके समर्थन में रैलियां, आयोजन, आन्दोलन, कैम्पेन करना,
मिडिया में उंनके लिए सिम्पति और उनके समर्थन में अवधारणा बनाना,
इस तरह के काई देश विरोधी कार्य हैं जिन्हें ये शहरी नक्सल करते है |
ये देश के सबसे बड़े दुश्मन और दीमक है जिनसे देश को किसी आतंकवादी संगठन से भी ज्यादा खतरा है क्यों की ये हमारे बीच रहते हैं और देश को बर्बाद करने वाले विदेशी एजेंडे पर काम करते हैं |
धन्यवाद
वन्दे मातरम

Comments

Popular posts from this blog

कम्युनिस्ट ताकतें और भारत को तोड़ने का षड़यंत्र

कम्युनिस्ट ताकतें और भारत को तोड़ने का षड़यंत्र यदि आपसे कोई पूछे की देश के लिए सबसे बड़ा खतरा क्या है तो आप क्या कहेंगे ? शायद आप कहेंगे पाकिस्तान, चीन, आतंकवाद या कुछ और पर मेरे अनुसार से यह सही नहीं है | या सब वो ताकते हैं जो हम पर बाहर से हमला करती हैं इसलिए हम इनसे लड़ सकते हैं | लेकिन उनका क्या जो हमें अन्दर से मार रहे हैं, हमें अन्दर से कमजोर कर रहे हैं, जैसे दीमक घर को खोखला करता है, कैंसर शारीर को अन्दर से खाता है और धीरे धीरे मृत्यु तक पंहुचाता है | इसी तरह भारत का भी एक आन्तरिक शत्रु है जो भारत को अन्दर ही अन्दरकमजोर और खोखला कर रहा है | इसकी सबसे बड़ी ताकत है की यह अदृश्य और अप्रत्यक्ष है इसलिए इसके नुकसान हमें सीधे नहीं दीखते समझ आते और यह ताकत है भारत में वामपंथी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट | वैसे तो पहले वामपंथ एक वर्ग संघर्ष आन्दोलन था पर बाद में यह सत्ता हथियाने वाली विचारधारा बन गई जो आंदोलनों का उपयोग केवल सत्ता प्राप्त करने के लिए करती है जिसके लिए यह किसी भी सीमा तक जा सकते हैं भले ही देश में गृह युद्ध क्यों न हो जाये, भीषण नरसंहार क्यों न हो जाये | भारत में तो वै...

भीमा-कोरेगांव समारोह में हिंसा

https://www.facebook.com/rahulsharma4931/posts/1059336590875745 चलो भीमा-कोरेगांव समारोह के इतिहास और वहां हुई हिंसा के बारे में जानें, लगभग 200 साल पहले मराठा साम्राज्य की कमान पेशवा बाजीराव द्वितीय के हाथों में थी | ब्रिटिश शासन से लड़ रही मराठा शासन ने अपने सेना के साथ पुणे में आक्रमण करने की योजना बनाई पर रास्ते में उन्हें ब्रिटिश सेना की एक दल से लड़ना पड़ा, पेशवा ने पहले 2 हजार सैनिक भेजे पर 12 घंटे के युद्ध के बाद में बड़ी ब्रिटिश आर्मी आ गई और मराठा सैन्य दल पीछे हटना पड़ा | चुकीं भारत के देशभक्त लोग उस समय अंग्रेजी सेना में शामिल नहीं होते थे इसलिये अंग्रेज उस समय "फुट डालो राज करो" की निति के तहत समाज के गरीब और पिछड़े लोगों को लालच देकर या जातिय अन्याय के नाम पर अपनी सेना में शामिल करते थे, इसी के तहत उनकी सेना में एक बड़ा दल महार जाति महार रेजिमेंट के लोगों का था जिसे अंग्रेजों ने ही दलित के रूप में वर्गीकृत किया था ताकि समाज में आपसी द्वेष पैदा किया जा सके | ब्रिटिश सेना कि पेशवा की सेना पर मिली इस जीत को उस वर्ग ने दलितों शोषितों की ब्राह्मणों-सवर्णों पर जीत...

संघ, मोदी, योगी के विरुद्ध पाकिस्तान

संघ, मोदी, योगी के विरुद्ध पाकिस्तान # UN   में   # पाकिस्तान   ने   # RSS ,   # मोदी ,   # योगी   सहित सभी हिन्दुत्ववादी संगठनों को   # फासीवादी   और   # आतंकवाद   का कारण बताया है और कोंग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से हर बात पर पाकिस्तान के साथ खड़ी है | ये बयान #पाकिस्तान ऐसे ही नहीं दे रहा है पाकिस्तान हर बात भारत में RSS/मोदी विरोधी नेताओं, मिडिया संगठनों के झूठे आरोपों के आधार पर लगताा है | राहुल गाँधी विदेश में जाकर RSS को ए क आतंकी संगठन जैसा बताता है, कोंग्रेस और वापमंथी नेता मिडिया में संघ को बदनाम कर रहे हैं | चाहे  # सेना  हो या संघ/मोदी, पाक िस्तान हमेशा इनके विरोध के लिए भारत के  # कोंग्रेस_नेता ,  # वामपंथी_नेता  और  # NDTV  जैसी  # वामपंथी_मिडिया  के ख़बरों को तथ्य बनाकर देता है | जब अपने ही देश के लोग सत्ता पाने के लिए अपने ही देश के उस संगठन को देश के लिए खतरनाक बताने लगे जो दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है, जिस संगठन से लाखों लोग जुड़े हैं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगद...